ये जिन्दगी के मोड...
ये ऊँचे चढाव
ये ढलते उतार...
कभी हँसते तो
कभी आंसू भरी आँखों से
उमीदो को ताकते ये पल
तो कभी फिसलती खुशिया
आँखों से गालो के रास्ते...
ये सब मेरे साथ है
हमेशा से,आज तक!
आगे पता नहीं
होंगे या नहीं...
कैसे रह पाऊँगी मै
इन सब के बिना
ये सब तो मेरे अपने है...
दिल के बहोत करीब है...
जिन्दगी का है एक हिस्सा
जुडा है इनसे हर एक किस्सा
इनसे बिछड़ के
जी नहीं सकती मै
किसी ने साथ दिया न दिया...
लेकिन इन्होने मेरा साथ
कभी नहीं छोडा...
न सुख में और
ना ही दुःख में॥
पल पल जिसके साथ
वक़्त बिताया मैंने
उन अहसासों के बिना
खुद को सोच ना भी
मुश्किल लगता है
ज़माने भर की मुस्कान
इन के लिए है कुर्बान!
ये है बने मेरे लिए
और मै इनके लिए!!।
रविवार, 8 मार्च 2009
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें